मनोहरपुर-सीएचसी में दो चिकित्सकों के भरोसे चल रहें है मरीज़ों का इलाज,संज्ञान के बावजूद स्वास्थ्य विभाग मौन.
मनोहरपुर:स्वास्थ्य विभाग की ओर से पश्चिमी सिंहभूम जिले के चर्चित व पुरस्कृत मनोहरपुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सकों के अभाव में मरीज़ों के इलाज में अब सीधा असर देखने को मिल सकता है.विदित हो की,मनोहरपुर सीएचसी में इलाज हेतू सारंडा समेत झारखंड व उड़ीसा सिमांचल क्षेत्र से सटे होने से मरीज़ों का दबाव यहाँ हमेशा बना रहता है.चूँकि सीएचसी में ओपीडी एवं इंडोर आपातक़ालीन सेवा के लिए 24.7 घंटे रोस्टर के मुताबिक़ सामान्यत:4 चिकित्सकों की यहाँ अत्यंत ज़रूरत है.जबक़ी मनोहरपुर सीएचसी सर्किल अंतर्गत आनंदपुर,छोटानागरा एवं जरायकेला पीएचसी के अलावा 22 उपस्वास्थ्य केंद्र है.सिर्फ़ मनोहरपुर सीएचसी को फिजीएसन एवं विभिन्न रोग के 12 विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा अन्य हेल्थ स्टाफ़,तकनिसियन की आवश्यकता है.मनोहरपुर सीएचसी में जुलाईअंत 4 चिकित्सक कार्यरत थे.जिसमें 2 चिकित्सकों का 1 अगस्त को तबादला कर दिया गया है.ऐसे में मात्र दो चिकित्सकों के भरोसे मरीज़ों का इलाज संभव ही नहीं नामुमकिन है.सूत्रों की यदी माने तो कोरोना महामारी के रोकथाम के अलावा मनोहरपुर सीएचसी में बढ़ते मरीज़ों का दबाव के चलते दो चिकित्सकों के भरोसे स्वास्थ्य सुविधा कभी भी चरमरा सकती है.सूचना यहाँ तक है,की काम के प्रेसर में वर्तमान चिकित्सकों में क़ार्य करने में काफ़ी परेशानी आ सकती है.यदी समय रहते स्वास्थ्य विभाग इस पर ध्यान नहीं दिया तो इसका ख़ामियाज़ा आम जनता को भोगना पड़ सकता है.जिसकी सारी जवाबदेही सरकार व विभाग की होगी.इस संबंध में सुबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से दूरभाष में संपर्क किया गया.किंतु उनका पक्ष नहीं लिया जा सका.