मनोहरपुर-चौकीदारी से हटाए जाने से नाराज़ सुरेश,दीघा आईडीसी केंद्र का जड़ा ताला.

मनोहरपुरःसारंडा एक्सन प्लान के तहत सारंडा के दीघा स्थित एकीकृत केंद्र को पूर्व चौकीदार सुरेश गुड़िया द्वारा ताला लगाये जाने का मामला सामने आया है.चूंकी अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद उसने बीते बुधवार शाम को बंद केंद्र का ताला खोल दिया है.इस बारे सुरेश गुड़िया ने बताया कि वह पिछले वर्ष 2014 से दिघा आईडीसी केंद्र में दीघा निवासी सुलेमान सांगा और वे दोनों चौकीदार के रूप में कार्यरत था.एक साल के बाद ही उसे मानदेय मिलना बंद हो गया था.इसके बाद भी वो कई वर्षों तक वहां चौकीदार के रूप में कार्य करता रहा.कुछ वर्षों के बाद उसे काम से हटा दिया गया.जबकी उनके साथ कार्यरत सुलेमान सांगा चौकीदार के रूप में कार्य करता रहा.उसने पुनःकाम में रखने के लिए कई बार जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों से शिकायत किया पर कोई सफलता नहीं मिला.विदित हो कि विगत फरवरी माह दिनांक 23 को आईडीसी केंद्र स्थित स्किल सेंटर केंद्र का ज़िले के उपायुक्त के द्वारा उद्घाटन किया गया था.जहां उसने डीसी से भी चौकीदार में नौकरी हेतु अपनी मांग रखा.पर कोई सार्थक पहल नहीं होने के कारण बीते दो दिन पूर्व सुरेश गुड़िया ने आवेश में आकर आईडीसी केंद्र में ताला जड़ दिया था ,तथा मांग पूर्ण होने के बाद ही ताला खोलने पर अड़ा रहा.सुरेश ने बताया कि बीते बुधवार को स्किल सेंटर के एक अधिकारी ने उससे मुलाक़ात किया.और उसे चौकीदार की नौकरी में रखने का आश्वसन दिया जिसके बाद वह बुधवार शाम को सेंटर का ताला खोल दिया.
सुरेश गुड़िया ने कहा कि वे और सुलेमान सांगा ने आईडीसी केंद्र के निर्माण के लिए अपना जमीन दिया था.उस वक्त अधिकारियों ने उसे और सुलेमान दोनों को ही नौकरी पर रखने का वादा किया था.पर साल भर पूर्व काम के एवज में मानदेय बंद कर दिया गया.और उसके बाद सुलेमान को नौकरी पर रखा और उसे नौकरी से निकाल दिया गया.उसने कहा कि इस बार भी अधिकारियों के आश्वासन के बाद आईडीसी केंद्र का ताला खोला गया है,यदी आश्वासन के बावजूद उसे नौकरी पर नहीं रखा गया तो वो फिर से ताला बंदी कर देगा.

Most Viewing Articles

मनोहरपुर बीडीओ ने किया अबुआ आवास योजना का निरीक्षण

मनोहरपुर में सड़क दुर्घटना में घायल की मदद करने वालों को विधायक जगत मांझी ने किया सम्मानित

मईया सम्मान योजना से वंचित महिलाओं की पदयात्रा, मुखिया जयंती बिरूली के नेतृत्व में मंत्री के निजी सचिव को सौंपा गया ज्ञाप