लैंड बैंक को पूरी तरह निरस्त करें झारखंड सरकार:-झा.पा नेता महेंद्र जामुदा.
मनोहरपुर : मनोहरपुर विधान सभा क्षेत्र अंर्तगत गोईलकेरा प्रखंड के कुईड़ा पंचायत अंर्तगत बुरुदुईया गांव के टोला जोजोगुटू, दियुरी टोला, मोहन साई, कसोमगिना, परकालोर, मुण्डा साई, जोजोडी,सोसोगुटू,साली गुटू और चुई गुटू टोला क्षेत्र का भ्रमण झारखंड पार्टी के प्रखंड उपाध्यक्ष मंगल सिंह बोईपाई के नेतृत्व में किया.उनके साथ झारखंड पार्टी के केंद्रीय सचिव सह पार्टी प्रवक्ता महेंद्र जामुदा उपस्थित थे.भ्रमण के दौरान गांव को जोड़ने वाले ग्रामीण जर्जर मुख्य सड़क की दुर्दशा को लेकर चिंता जताया.ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में लोगों का आना-जाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है,खासकर स्कूल जाने वाले बच्चे एवम् बिमारग्रस्त मरिजों का अस्पताल ले जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.कहा कि गांव में पानी की भारी समस्या है.पूरे गांव में तीन ही जल मीनार है जो अच्छी तरह से कार्य नहीं कर रहा है,एक दो चापाकल को छोड़ सभी चपाकल खराब पड़े हैं.ग्रामीण जयपाल सिंह कोड़ा ने कहा कि आजादी के इतने सालों बाद भी हमारे गाँव के मोहन साई, चुई गुटू,साली गुटू, दियुरी साई टोला के लोग चुवाँ के पानी के भरोसे से जी रहे हैं,ग्रामीण सुरेन्द्र कोड़ा ने कहा कि पूरे गांव में मात्र एक ही तलाब है जो सुख गया है जिस कारण गांव के लोगों को नहाने एवं पशुओं को पानी पीने के लिए बहुत ही दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है,और ना ही खेती व बागवानी के लिए सिंचाई कुआ उपलब्ध हैं.जिसके कारण यहां के ग्रामीण रोज़गार के अभाव में अन्य राज्यो में पलायन करने को मजबूर है.वहीं क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं एवं ग्रामीणों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताते हुए झारखंड पार्टी के केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता महेंद्र जामुदा ने कहा कि झारखंड सरकार अपने चुनावी वादों से मुकर गई है.लोग अपने आपको ठगा महसूस कर रहें है.गांव के मुंडा को उनका अधिकार नहीं मिला है.जिससे गांव के परती जमीन जो मुंडा के अधीनस्थ होना चाहिए,वह जमीन अंचल अधिकारी के अधीनस्थ है, गांव के खेतों में पानी नहीं पहुंच रहा है, जंगल का अतिक्रमण हो रहा है और सरकार कहती है जल जंगल जमीन हमारा है, जिला उपाध्यक्ष नितिन जामुदा ने कहा कि अबकी बार मनोहरपुर विधानसभा चुनाव में स्थानीय लोगों को ही विधानसभा भेजने का काम करेंगे.ताकि वह लोगों के समक्ष आसानी से उपलब्ध हो सके.मौके पर गुलिया कोड़ा, बिरसा कोड कोड़ा, चोकरो कोड़ा, दियुरी कोड़ा, काटें कोड कोड़ा, साहेब कोड़ा, जुरा कोड़ा, गोमा कोड़ा, राजबो कोड़ा, चन्द मोहन कोड़ा, बिरेन्द्र नाथ लागुरी,रामराई कोड़ा, सुमिता कुई, मादे कुई, सोमबारी कुई, गोलची कुई, बैधनाथ लागुरी एवं अन्य लोग उपस्थित थे.